Monday, 7 January 2013
Sunday, 16 December 2012
Friday, 30 November 2012
कवि राजेंद्र बहादुर सिंह एक परिचय
राजेन्द्र बहादुर सिंह (आर . बी . सिंह) का जन्म उत्तर प्रदेश के एक कायस्थ परिवार में हुआ था। उनके पिता श्री कृष्णा नन्द सिंह इलाहाबाद के दीवानी न्यायालय में वकालत करते थे तथा उनकी माता एक घरेलू स्त्री थी। बचपन में ही भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन का इनके ऊपर प्रवाह पड़ा जिसके कारण वे बचपन से ही न्याय तथा भ्रस्टाचार के विरोधी हो गए तथा इनका मन ऐसे लोगो की जीवनी पड़ने में ज्यादा लगने लगा। यधपि विध्यार्थी जीवन में वे विज्ञानं के विध्यार्थी रहे मगर उनका झुकाव लेक्नी की तरफ शुरु से ही रहा जिसके फलस्वरूप विध्यार्थी जीवन में ही उन्होंने अनेक लेख एव कविताए लिखी तथा अवसर मिलने पर लोगो के समुख उसे प्रस्तुत भी किया। अपने लेखनी के प्रति झुकाव के चलते सरकारी सेवा से अवकाश ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने इलाहाबाद से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र अवर लीडर के माध्यम से भी अपने लेखो तथा कविताओं को प्रकाशित करना आरम्भ किया। तब से लेकर अभी तक उन्होंने राजनितिक, सामाजिक, धार्मिक एव अन्य विषयो पर गध तथा पध दोनों में अनेको पुस्तके लिखी है। श्री आर . बी . सिंह के द्वारा पध में लिखी कुछ प्रमुख पुस्तके निम्न है
लाहौर बस जर्नी
दी आगरा समिट
दी काठमांडू सार्क समिट
वाजपेयी क्रुसेडर फार पीस
मनमोहन सिंह क्रुसेडर फार पीस
दी रीटायरमेंट डेज
डोंट वरी ऑन योर एकजिस्तिंग फेट
गौरव वेडस नेहा
दस स्पेक लार्ड राम
दीपावली पूजा सेलिबरेश्न इन व्हाइट हाउस वाशिंगटन
दीपावली पूजा सेलिबरेश्न एट डाउनिंग स्ट्रीट लंदन
मर्यादा पुर्षोतम राम आफ अयोध्या
जग जननी माता सीता आफ अयोध्या
अन्ना हजारे क्रुसेडर फार जन लोकपाल
राजेन्द्र बहादुर सिंह वर्तमान में "कृष्णा विला " 37 डी /48 सी राजरूपपुर इलाहाबाद में रहकर अपनी लेखनी के माध्यम से देश और समाज के लिए अपना योगदान कर रहे है।मोबाइल: +919559869371
ईमेल: to.rbsingh@gmail.com
राजेन्द्र बहादुर सिंह (आर . बी . सिंह) का जन्म उत्तर प्रदेश के एक कायस्थ परिवार में हुआ था। उनके पिता श्री कृष्णा नन्द सिंह इलाहाबाद के दीवानी न्यायालय में वकालत करते थे तथा उनकी माता एक घरेलू स्त्री थी। बचपन में ही भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन का इनके ऊपर प्रवाह पड़ा जिसके कारण वे बचपन से ही न्याय तथा भ्रस्टाचार के विरोधी हो गए तथा इनका मन ऐसे लोगो की जीवनी पड़ने में ज्यादा लगने लगा। यधपि विध्यार्थी जीवन में वे विज्ञानं के विध्यार्थी रहे मगर उनका झुकाव लेक्नी की तरफ शुरु से ही रहा जिसके फलस्वरूप विध्यार्थी जीवन में ही उन्होंने अनेक लेख एव कविताए लिखी तथा अवसर मिलने पर लोगो के समुख उसे प्रस्तुत भी किया। अपने लेखनी के प्रति झुकाव के चलते सरकारी सेवा से अवकाश ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने इलाहाबाद से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र अवर लीडर के माध्यम से भी अपने लेखो तथा कविताओं को प्रकाशित करना आरम्भ किया। तब से लेकर अभी तक उन्होंने राजनितिक, सामाजिक, धार्मिक एव अन्य विषयो पर गध तथा पध दोनों में अनेको पुस्तके लिखी है। श्री आर . बी . सिंह के द्वारा पध में लिखी कुछ प्रमुख पुस्तके निम्न है
लाहौर बस जर्नी
दी आगरा समिट
दी काठमांडू सार्क समिट
वाजपेयी क्रुसेडर फार पीस
मनमोहन सिंह क्रुसेडर फार पीस
दी रीटायरमेंट डेज
डोंट वरी ऑन योर एकजिस्तिंग फेट
गौरव वेडस नेहा
दस स्पेक लार्ड राम
दीपावली पूजा सेलिबरेश्न इन व्हाइट हाउस वाशिंगटन
दीपावली पूजा सेलिबरेश्न एट डाउनिंग स्ट्रीट लंदन
मर्यादा पुर्षोतम राम आफ अयोध्या
जग जननी माता सीता आफ अयोध्या
अन्ना हजारे क्रुसेडर फार जन लोकपाल
राजेन्द्र बहादुर सिंह वर्तमान में "कृष्णा विला " 37 डी /48 सी राजरूपपुर इलाहाबाद में रहकर अपनी लेखनी के माध्यम से देश और समाज के लिए अपना योगदान कर रहे है।मोबाइल: +919559869371
ईमेल: to.rbsingh@gmail.com
Saturday, 17 November 2012
Condolence Message on Passing of Sri Bal Thackeray
I humbly pay my tribute
to the Shiv Sena patriarch Sri Bal Thackeray, who passed away today. I think an era has come
to an end with the passing of Sri Bal Thackeray, the man who became a legend in
his life time. The country particularly Maharashtra has suffered irreparable loss
by his departure to his heavenly abode. The void created by his death is hard
to fill. I pray to the Almighty God to grant peace to his departed soul and
courage to the members of his family to bear the irreparable loss.
Friday, 24 August 2012
Sunday, 5 August 2012
Tuesday, 26 June 2012
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